आखिरकार !
पिछले कुछ सालों से मेरा हिन्दी से जैसे नाता ही टुट गया है । अब हिन्दी में लिखते हुए बहुत अजीब सा लगता है। ये ब्लोग एक कोशिश है इस दुरी को मिटाने की ।
मैं यहां पर हर सप्ताह में कम से कम एक बार लिखने का प्रयत्न करुगां । अभी तो हिन्दी में टाईप करने में ही अच्छी खासी मेहनत लग जाती है ।
अगर आप गलती से इस ब्लोग पर आ पहुंचे हैं, तो अनुरोध है कि कुछ टिप्पणी (comment) जरुर छोड़ियेगा । धन्यवाद ।
Comments
Swaagat
एस. गोयल जी,
आपको ब्लागलेखन आरम्भ करने पर शुभकामनायें और हिन्दी ब्लागजगत में हार्दिक स्वागत !
isme poems kaise padhte
isme poems kaise padhte hai, mai zara nayi hu
आपकी चुनी
आपकी चुनी हुई कविताएँ बहुत अच्छी लगीं |
स्वागत है आपका ...
हिन्दी चिट्ठा जगत् में आपका स्वागत् है.
कोशिश कीजिए, हमारी शुभकामना है कि आप हफ़्ते में दो दिन लिखें - नियमित. :)
धन्यवाद!!
रवि जी और अनुनाद जी, आपकी हौसला-अफजाही के लिये बहुत बहुत धन्यवाद । अब मैं नियमित रूप से लिखने की कोशिश करुंगा ।
स्वागत्
गोयल जी, हिन्दी ब्लॉग जगत् में आपका हार्दिक स्वागत है। आशा है कि आप इसी तरह निरन्तर हिन्दी में लेखन जारी रखेंगे।
स्वागत है
स्वागत है आपका हिन्दी चिठ्ठा जगत मे
Prayogshala से
Prayogshala से प्रयोगशाला की दूरी तय करने की बधाई|आशा है कि प्रयोगशाला मे कुछ विज्ञान से सम्बन्धित भी मिलेगा|
"The answer you entered to the math problem is incorrect."
क्या सवाल सही तरह से पूछा है?
-):
क्या जवाब हिन्दी की गिनती पढ़ पाता है|
स्वागत
स्वागत है आपका.
अरे आपका ब्लोग तो एकदम अलग ही कलेवर में है. मुझे नही लगता ये ब्लोगर अथवा वर्डप्रेस से संचालीत है. कृपया प्रकाश डालें
Drupal
पंकज जी, ये ब्लोग Drupal से संचालीत है ।
सराहनीय प्रयास
सराहनीय प्रयास
BRAVO!!
Hi Mr. Goyal,
I am sorry for I cannot write in hindi fonts. But this effort of yours is indeed a welcome step..
Heartiest congratulations.
-Sudeep
हिन्दी में
हिन्दी में टाईपिंग के लिए आपको फायरफाक्स के इण्डिक एक्सटेंशन उपयोग करने की सलाह देना चाहूँगा.
https://addons.mozilla.org/firefox/2573/
इस के साथ आप "nileS" को स्वतः ही "निलेश" में transliterate कर सकते हैं |
हिन्दी ब्लॉगिंग मे स्वागत है।
हिन्दी ब्लॉगिंग मे आपका स्वागत है।यदि आप लगातर हिन्दी मे ब्लॉगिंग मे करने का मन बनाते है तो आप अपना ब्लॉग नारद पर रजिस्टर करवाएं। नारद पर आपको हिन्दी चिट्ठों की पूरी जानकारी मिलेगी। किसी भी प्रकार की समस्या आने पर हम आपसे सिर्फ़ एक इमेल की दूरी पर है।
Behad hi Behtarin blog
Behad hi Behtarin blog hai..................... ise jaari rakhiyega.... isse dusro ka hosla bana rahega
बहतरीन ब्लाग है आपका
हुजुर आपका ब्लाग हमें बेश पसंद आया ... उम्मीद करतें हैं के आप कविता और शैरोन का सिलसिला जारी रखेंगे
حٌزٌر اپکا بلاگ ہمیں بیش پسند ایا ۔۔۔ امید کرتے ہیں کہ آپ کوِتا اور شعروں کا صلصلا جاریرکھینگے۔
Sir ji Good Job
Goyal Sir,
App jobhi kar rahe hai. Bahut accha apke ke blog se hume bhi . Kuch hindi padne moka mil jata hai. Kuch 10 saloo se hindi me bahut kaam padhai. App kaam kabile tarif hai.
Awesome
Maja aa gaya , keep it up . is desh ko aapke jaise logo ki jarurat hai jo hindi ko jinda rakhne ki kosis kar rahe hai
अगर आपको
अगर आपको हिंदी टाइप करने मे तकलीफ है तो आप गूगल के इस टूल का उपयोग कर सकते है
http://www.google.com/transliterate/
धन्यवाद्
रवि अग्रवाल
हिंदी हैं हम वतन हैं हिदोस्तान हमारा
हाँ बिलकुल सही कह रहे हैं और वोह सिर्फ इसलिए इंग्लिश आज के माहोल में ऐसे समां गयी जैसे कुछ बिमैया जो समय के साथ शरीर की पकड़ ही लेती हैं और स्तौस स्य्म्बोल भी हैं जैसे दिएबेइतिएस आदि बीमारी वैसे इंग्लिश भी हैं , इंग्लिश आवयशक हैं आज हर जगह इसी का चलन हैं इसलिए हिंदी दूर हो गयी इस ब्लॉग के माध्यम वोह सभी जो हिंदी भाषी और प्रेमी हैं उनके लिए एक सागर के सामान हो सकती हैं परन्तु हमें इस पर और कार्य करना पड़ेगा
हिंदी ,इंग्लिश की तरह सरल नहीं परन्तु बहुत मजेदार हैं आप सबसे पुजोर अनुरोध हैं कुछ समय अपनी मात्र भाषा को भी दे
हिंदी हैं हम वतन हैं हिदोस्तान हमारा
(No subject)
आपका ब्लॉग
आपका ब्लॉग गलती से ही देखा परंतु भविष्य में यह गलती दोहराना घाटे का सौदा नहीं है।
Ek kitran hi chahiye.
Ek kiran hi chahiye,
tam mittane ke liye,
Ek saya hi bahut hai,
sar chupane ke liye.
hindi main type nahin kar sakthi,
per hindi main likhthi hu.
aap ki ye koshish aur dipak jalaye gi
aradhana rai
एक सराहनीय प्रयास
यह हिंदीप्रेमियों के लिए अत्यंत हर्ष की बात है की आपने इस ब्लॉग पे हिंदी को जीवंत बनाये रखने की सफल कोशिश की ! आपको मेरी ओर से हार्दिक शुभ कामनाएं !
कुछ तो नया हुआ है………
यूं तो ज़िन्दगी खो सी गई है , भागम-भाग मे , हर कोई दौड मे शमिल हो रहा है , झूठ मे , मक्कारी मे ,एक दूसरे पिछे छोड्ने मे लगा हुआ है । एसे मे हिन्दी खो सि गयी है , छुप से गए है सभी मर्मग्य । एसा नही है कि वो जानकार नही है या समझ्ने वाले कम हो गये है , है वो , हमारे बीच मे ही है , वक्त कि कमी य भा्वनाओ से आहत बस खो से गये है । निःसन्देह एक उत्क्र्ट प्रयास है । सराहनीय कदम है , मै तहेदिल से शुक्र गुज़ार हूं ।
wah kya bat h
You are a great personality
I like ur poems very much