Hindi Poems

Kisko Naman Karu Mein Bharat?

किसको नमन करूँ मैं भारत?
- रामधारी सिंह दिनकर (Ramdhari Singh Dinkar)

A beautiful poem by Dinkar ji about the spirit of India.

तुझको या तेरे नदीश, गिरि, वन को नमन करूँ, मैं ?
मेरे प्यारे देश ! देह या मन को नमन करूँ मैं ?
किसको नमन करूँ मैं भारत ? किसको नमन करूँ मैं ?

Tum Mujhme Priye, Phir Parichay Kya

तुम मुझमें प्रिय! फिर परिचय क्या
- महादेवी वर्मा (Mahadevi Verma)

तुम मुझमें प्रिय! फिर परिचय क्या

तारक में छवि, प्राणों में स्मृति
पलकों में नीरव पद की गति
लघु उर में पुलकों की संसृति

भर लाई हूँ तेरी चंचल
और करूँ जग में संचय क्या!

Hum Honge Kaamyab (We Shall Overcome)

हम होंगे कामयाब एक दिन
- A translation of english song 'We shall overcome' by गिरिजाकुमार माथुर

All of us have heard "हम होंगे कामयाब" innumerable times in India. This song is translation of famous english song 'We shall Overcome' -- a song with origins in early 1900s in America. It became quite famous there during civil rights movement in 1960s. You can find more information about this at Wikipedia . The tune of hindi song is same as that of its english original (I think it's probably one of the most recognized tune in the world).

हम होंगे कामयाब,
हम होंगे कामयाब एक दिन
हो हो हो मन मे है विश्वास, पूरा है विश्वास
हम होंगे कामयाब एक दिन

Sagara pran talmalala

सागरा, प्राण तळमळला
- विनायक दामोदर सावरकर (Vinayak Damodar Savarkar)

ने मजसी ने परत मातृभूमीला,
सागरा, प्राण तळमळला

भूमातेच्या चरणतला तुज धूता,
मी नित्य पाहीला होता
मज वदलासी अन्य देशी चल जाऊ,
सृष्टिची विविधता पाहू

Kadam Kadam Badaye Ja

कदम कदम बढ़ाये जा - Anthem of नेताजी की आज़ाद हिन्द फ़ौज
- कैप्टन राम सिंह (Captain Ram Singh)

(Remembering NetaJi on his birthday - January 23)

कदम कदम बढ़ाये जा
खुशी के गीत गाये जा
ये जिंदगी है क़ौम की
तू क़ौम पे लुटाये जा

तू शेर-ए-हिन्द आगे बढ़
मरने से तू कभी न डर

Vijayi Ke Sadrish Jiyo Re

विजयी के सदृश जियो रे
- रामधारी सिंह दिनकर (Ramdhari Singh Dinkar)

वैराग्य छोड़ बाँहों की विभा संभालो
चट्टानों की छाती से दूध निकालो
है रुकी जहाँ भी धार शिलाएं तोड़ो
पीयूष चन्द्रमाओं का पकड़ निचोड़ो

चढ़ तुंग शैल शिखरों पर सोम पियो रे

Suraj Ko Nahi Doobne Doonga

सूरज को नही डूबने दूंगा
- सर्वेश्वरदयाल सक्सेना (Sarveshwar Dayal Saxena)

अब मै सूरज को नही डूबने दूंगा
देखो मैने कंधे चौडे कर लिये हैं
मुट्ठियाँ मजबूत कर ली हैं
और ढलान पर एडियाँ जमाकर
खडा होना मैने सीख लिया है

घबराओ मत

Himadri Tung Shring Se

हिमाद्रि तुंग श्रृंग से प्रबुद्ध शुद्ध भारती
- जयशंकर प्रसाद (JaiShankar Prasad)
- video from 'Chanakya' serial directed by Chandra Prakash Dwivedi

Moko Kahan Dhundhe Re Bande

मोको कहां ढूढे रे बन्दे
- कबीर (Kabir)
- English translation by Rabindranath Tagore

मोको कहां ढूढे रे बन्दे
मैं तो तेरे पास में

ना तीर्थ मे ना मूर्त में
ना एकान्त निवास में
ना मंदिर में ना मस्जिद में
ना काबे कैलास में

मैं तो तेरे पास में बन्दे

Badhe Chalo, Badhe Chalo

बढ़े चलो, बढ़े चलो
- सोहन लाल द्विवेदी (Sohan Lal Dwivedi)

न हाथ एक शस्त्र हो,
न हाथ एक अस्त्र हो,
न अन्न वीर वस्त्र हो,
हटो नहीं, डरो नहीं,
बढ़े चलो, बढ़े चलो

रहे समक्ष हिम-शिखर,
तुम्हारा प्रण उठे निखर,
भले ही जाए जन बिखर,
रुको नहीं, झुको नहीं,

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