Sensitization Clip on Child Labour by HAQ

This interesting clip raises a very intricate question - "Is poverty just the cause of child labour and not its result? How can we stop this spiral?"

...read more

Lakshmi, The Domestic Help

This clip portrays the life of a little girl Lakshmi working as a domestic help. The scene in which she asks a doctor about a medicine is heart touching. She innocently asks - "Doctor sir, Do you have any medicine for not feeling hungry...?" In another heartbreaking scene, the girl is questioning, probably to God "Dont I deserve even the kind of attention this dog gets here...?"

...read more

Giving Back on 'World Day against Child labour'

While reading a friend's post on facebook I came to know that June 12th is the 'World Day against Child labour'. The post made some interesting points and it got me thinking. How much do I know about child labour laws in India? How much do I care about the future of 'chotus' working as help in nearby restaurants or homes?

Here is a small step with some simple take-action points to confront the problem instead of ignoring it.

...read more

Darbar - e - watan Mein Jab Ik Din

दरबारे वतन में जब इक दिन
- फैज़ अहमद फैज़ (Faiz Ahmed Faiz)

दरबारे वतन में जब इक दिन सब जाने वाले जायेंगे
कुछ अपनी सजा को पहुंचेंगे, कुछ अपनी जजा ले जायेंगे

ऐ खाकनशीनों उठ बैठो, वो वक़्त करीब आ पहुंचा है
जब तख़्त गिराए जायेंगे, जब ताज उछाले जायेंगे

...read more

Samar Shesh Hai

समर शेष है
- रामधारी सिंह दिनकर (Ramdhari Singh Dinkar)

ढीली करो धनुष की डोरी, तरकस का कस खोलो
किसने कहा, युद्ध की बेला गई, शान्ति से बोलो?
किसने कहा, और मत बेधो हृदय वह्नि के शर से
भरो भुवन का अंग कुंकुम से, कुसुम से, केसर से?

कुंकुम? लेपूँ किसे? सुनाऊँ किसको कोमल गान?
तड़प रहा आँखों के आगे भूखा हिन्दुस्तान।

...read more

Vashuda Ka Neta Kaun Hua? (An excerpt from Rashmirathi)

वसुधा का नेता कौन हुआ? (रश्मिरथी)
- रामधारी सिंह दिनकर (Ramdhari Singh Dinkar)

सच है, विपत्ति जब आती है,
कायर को ही दहलाती है,
शूरमा नहीं विचलित होते,
क्षण एक नहीं धीरज खोते,
विघ्नों को गले लगाते हैं,
काँटों में राह बनाते हैं।

...read more

Meri Thakan Utar Jaati Hai

मेरी थकन उतर जाती है
- रामावतार त्यागी (Ram Avtar Tyagi)

हारे थके मुसाफिर के चरणों को धोकर पी लेने से
मैंने अक्सर यह देखा है मेरी थकन उतर जाती है ।

...read more

Insaf ki Dagar Pe

इन्साफ़ की डगर पे
- कवि प्रदीप (Kavi Pradeep)

इन्साफ़ की डगर पे, बच्चों दिखाओ चल के
ये देश है तुम्हारा, नेता तुम्हीं हो कल के

दुनिया के रंज सहना और कुछ न मुँह से कहना
सच्चाइयों के बल पे आगे को बढ़ते रहना
रख दोगे एक दिन तुम संसार को बदल के
इन्साफ़ की डगर पे, बच्चों दिखाओ चल के
ये देश है तुम्हारा, नेता तुम्हीं हो कल के

...read more

Jo Jeevan Ki Dhool Chaat Kar Bada Hua Hai

जो जीवन की धूल चाट कर बड़ा हुआ है
- केदारनाथ अग्रवाल (Kedarnath Agarwal)

जो जीवन की धूल चाट कर बड़ा हुआ है
तूफ़ानों से लड़ा और फिर खड़ा हुआ है
जिसने सोने को खोदा लोहा मोड़ा है
जो रवि के रथ का घोड़ा है
वह जन मारे नहीं मरेगा
नहीं मरेगा

...read more

Chalna Hamara Kaam Hai

चलना हमारा काम है
- शिवमंगल सिंह 'सुमन' (ShivMangal Singh Suman)

(Thanks to Yogendra Singh ji for sending this poem)

गति प्रबल पैरों में भरी
फिर क्यों रहूं दर दर खडा
जब आज मेरे सामने
है रास्ता इतना पडा
जब तक न मंजिल पा सकूँ,
तब तक मुझे न विराम है,
चलना हमारा काम है ।

...read more